Dost Shayari,ना डालो बोझ दिलों पर, अक्सर दिल टूट जाते हैं,



ना डालो बोझ दिलों पर, अक्सर दिल टूट जाते हैं,
सिरे नाज़ुक हैं दोस्ती के, जो अक्सर छूट जाते हैं,
न रखो दोस्ती की बुनियादों में, कोई झूठ का पत्थर,
लहर जब तेज़ आती हैं, तो घरौंदे भी टूट जाते हैं..
Dost Shayari,ना डालो बोझ दिलों पर, अक्सर दिल टूट जाते हैं, Dost Shayari,ना डालो बोझ दिलों पर, अक्सर दिल टूट जाते हैं, Reviewed by Shayari143 Com on February 27, 2018 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.