Love Shayari, संभाले नहीं संभलता है दिल


संभाले नहीं संभलता है दिल,
मोहब्बत की तपिश से न जला,
इश्क तलबगार है तेरा चला आ, 
अब ज़माने का बहाना न बना।
Love Shayari, संभाले नहीं संभलता है दिल Love Shayari, संभाले नहीं संभलता है दिल Reviewed by Shayari143 Com on February 26, 2018 Rating: 5

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